|

दिल्ली विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रा सपना प्रधान मल्ल बनीं नेपाल की कार्यवाहक प्रधान न्यायाधीश

नेपाल की न्यायपालिका में एक अहम बदलाव हुआ है। सपना प्रधान मल्ल ने देश की कार्यवाहक प्रधान न्यायाधीश (Acting Chief Justice) के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। यह जिम्मेदारी उन्हें प्रकाशमान सिंह राउत के सेवानिवृत्त होने के बाद मिली है।

दिल्ली विश्वविद्यालय से किया उच्च शिक्षा प्राप्त

सपना प्रधान मल्ल ने दिल्ली विश्वविद्यालय से कानून में स्नातकोत्तर (LLM) की डिग्री हासिल की है। भारत में अध्ययन के दौरान उन्होंने न केवल अकादमिक उत्कृष्टता हासिल की, बल्कि न्यायिक क्षेत्र से जुड़े कई अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में भी सक्रिय भागीदारी निभाई।

वरिष्ठता के आधार पर मिली जिम्मेदारी

नेपाल के संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, प्रधान न्यायाधीश का पद रिक्त होने पर वरिष्ठतम न्यायाधीश को कार्यवाहक जिम्मेदारी सौंपी जाती है। इसी प्रक्रिया के तहत सपना प्रधान मल्ल को यह पद दिया गया है।

नियुक्ति प्रक्रिया फिलहाल अटकी

नेपाल में स्थायी प्रधान न्यायाधीश की नियुक्ति के लिए संवैधानिक परिषद की सिफारिश आवश्यक होती है। लेकिन वर्तमान में परिषद अधूरी होने के कारण यह प्रक्रिया रुकी हुई है।

इस परिषद में प्रधानमंत्री, प्रधान न्यायाधीश, राष्ट्रीय सभा अध्यक्ष, प्रतिनिधि सभा स्पीकर, डिप्टी स्पीकर और विपक्ष के नेता शामिल होते हैं।

जल्द हो सकता है स्थायी नियुक्ति का फैसला

नई प्रतिनिधि सभा में स्पीकर और डिप्टी स्पीकर के चुनाव अगले दो दिनों में होने की संभावना है। इसके बाद संवैधानिक परिषद की बैठक बुलाकर नए प्रधान न्यायाधीश की नियुक्ति पर निर्णय लिया जा सकता है।

न्यायिक क्षेत्र में मजबूत पहचान

सपना प्रधान मल्ल को नेपाल की न्यायपालिका में एक अनुभवी और सक्षम न्यायाधीश के रूप में जाना जाता है। उनके नेतृत्व में न्यायिक प्रणाली में पारदर्शिता और मजबूती की उम्मीद जताई जा रही है।

Share

Similar Posts