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सिद्धगंगा मठ की सेवा परंपरा देश के लिए आदर्श: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने कर्नाटक के तुमकुरु स्थित Siddaganga Mutt में आयोजित Shivakumar Swamiji की 119वीं जयंती समारोह को संबोधित करते हुए मठ की सेवा परंपरा को देश के लिए आदर्श बताया।

राष्ट्रपति ने कहा कि सिद्धगंगा मठ ने शिक्षा और दासोह (सेवा) के माध्यम से गरीब और अनाथ बच्चों के जीवन में उजाला लाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। उन्होंने कहा कि “दया ही धर्म का मूल है” इस सिद्धांत को मठ ने वास्तविक रूप में अपनाया है।

उन्होंने कहा कि वीरशैव-लिंगायत परंपरा में इस मठ का विशेष स्थान है और निरंतर सेवा कार्यों के कारण यह देशभर में अग्रणी बना हुआ है।

इस अवसर पर Siddalinga Swamiji ने कहा कि शिवकुमार स्वामीजी का जीवन त्याग और सेवा का प्रतीक था और उन्होंने गरीबों व बालिकाओं की शिक्षा को अपना मुख्य लक्ष्य बनाया।

कर्नाटक के राज्यपाल Thawar Chand Gehlot ने कहा कि शिवकुमार स्वामीजी की सेवा मानव कल्याण के लिए समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है।

केंद्रीय मंत्री Pralhad Joshi ने उन्हें मानवता का प्रतीक बताते हुए कहा कि वे अनाथ बच्चों के लिए पिता समान थे।

वहीं राज्य के गृह मंत्री G. Parameshwara ने कहा कि सिद्धगंगा मठ केवल धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि शिक्षा और सामाजिक परिवर्तन का केंद्र है।

कार्यक्रम के दौरान मठ की ओर से राष्ट्रपति को Basavanna की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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