बहरीन में एल्युमिनियम प्लांट पर ईरान का हमला, दो कर्मचारी घायल; मध्य पूर्व में बढ़ा तनाव

बहरीन में स्थित एक प्रमुख औद्योगिक इकाई पर हमले के बाद मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ गया है। ईरान ने बहरीन की प्रमुख एल्युमिनियम कंपनी एल्युमिनियम बहरीन (अल्बा) के प्लांट को निशाना बनाया, जिसमें दो कर्मचारी घायल हो गए।

बहरीन न्यूज एजेंसी के अनुसार, शनिवार को हुए इस हमले की पुष्टि कंपनी ने की है। घायलों को तुरंत चिकित्सा सहायता दी गई और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। कंपनी ने कहा कि प्लांट को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है और संचालन को सामान्य बनाए रखने के प्रयास जारी हैं।

इस हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने ली है। ईरानी सरकारी मीडिया आईआरआईबी के अनुसार, IRGC ने बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात में स्थित औद्योगिक इकाइयों को निशाना बनाया।

IRGC ने दावा किया कि उसकी एयरोस्पेस और नौसेना इकाइयों ने मिसाइल और ड्रोन के जरिए संयुक्त अभियान चलाया। इस दौरान यूएई की एमिरेट्स ग्लोबल एल्युमिनियम और बहरीन के ALBA प्लांट को लक्षित किया गया।

ईरान का आरोप है कि ये औद्योगिक इकाइयां अमेरिकी रक्षा और एयरोस्पेस उद्योग से जुड़ी हैं और अप्रत्यक्ष रूप से अमेरिकी सैन्य गतिविधियों को समर्थन देती हैं। ईरान ने इन हमलों को अपने औद्योगिक ढांचे पर हुए कथित “अमेरिका-इजराइल” हमलों का जवाब बताया है।

इस घटनाक्रम के बीच ईरान ने मध्य पूर्व में स्थित अमेरिकी और इजराइली संस्थानों, विशेषकर विश्वविद्यालयों, पर हमले की धमकी भी दी है। वहीं हूती विद्रोही ने इजराइल पर मिसाइल और ड्रोन हमले कर स्थिति को और गंभीर बना दिया है।

अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, तेल अवीव और अमेरिका के कई शहरों में युद्ध विरोधी प्रदर्शन हो रहे हैं। वहीं बेरूत में भी इजराइली हमलों के खिलाफ लोग सड़कों पर उतर आए हैं।

दूसरी ओर, प्रेस टीवी ने दावा किया है कि ईरान ने जवाबी कार्रवाई में इजराइल के सैन्य ठिकानों, रडार केंद्रों और एयरपोर्ट को निशाना बनाया। इसमें हाइफा और डेविड बेन गुरियन एयरपोर्ट शामिल हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ते ये हमले और जवाबी कार्रवाई पूरे मध्य पूर्व को बड़े संघर्ष की ओर धकेल सकते हैं, जिससे वैश्विक सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता पर भी असर पड़ सकता है।

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