भारत 6G तकनीक में बनेगा वैश्विक नेता, सिंधिया का दावा—अब दुनिया का नेतृत्व करने को तैयार देश

केंद्रीय संचार मंत्री Jyotiraditya Scindia ने कहा है कि भारत अब 6G तकनीक में वैश्विक नेतृत्व करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
लोकसभा में चर्चा के दौरान उन्होंने बताया कि देश ने टेलीकॉम क्षेत्र में लंबा सफर तय किया है—3G में पीछे रहने के बाद 4G में बराबरी और 5G में बढ़त हासिल करने के बाद अब भारत 6G में दुनिया का नेतृत्व करने के लिए तैयार है।
तेजी से बढ़ रहा ‘भारत 6G एलायंस’
सिंधिया ने बताया कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के मार्गदर्शन में स्थापित भारत 6G एलायंस का दायरा तेजी से विस्तार कर रहा है।
- इससे जुड़े संस्थानों की संख्या 14 से बढ़कर 85 हो गई है
- भारत 6G क्षेत्र में दुनिया के करीब 10% पेटेंट में योगदान देगा
- अब तक 4000 पेटेंट दर्ज किए जा चुके हैं
भारत का सर्वव्यापी कनेक्टिविटी प्रस्ताव अंतरराष्ट्रीय मंचों 3GPP और International Telecommunication Union में स्वीकृत हो चुका है।
सात कार्य समूह कर रहे हैं काम
भारत 6G एलायंस के तहत सात प्रमुख कार्य समूह सक्रिय हैं, जो इन क्षेत्रों पर काम कर रहे हैं:
- स्पेक्ट्रम
- उपकरण प्रौद्योगिकी
- हार्डवेयर पुर्जे
- ग्रीन और सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी
- जनसंपर्क
- 6G के उपयोग (Use Cases)
इन सभी की त्रैमासिक समीक्षा की जाती है, ताकि विकास समयबद्ध और प्रभावी रहे।
अनुसंधान और नवाचार को बड़ा बढ़ावा
सिंधिया ने बताया कि ANRF (अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान प्रतिष्ठान) की स्थापना फरवरी 2024 में की गई है।
- 2023–2028 के लिए 50,000 करोड़ रुपये का प्रावधान
- बजट में 14,000 करोड़ रुपये घोषित
- 8 प्रमुख कार्यक्रम शुरू
इनमें शामिल हैं:
- उन्नत अनुसंधान अनुदान
- प्रारंभिक करियर अनुसंधान
- उत्कृष्टता केंद्र
- अंतरराष्ट्रीय सहयोग
- नवाचार एवं विश्लेषण कार्यक्रम
टेक्नोलॉजी में भारत की नई छलांग
सिंधिया ने कहा कि भारत अब केवल तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि निर्माता और वैश्विक लीडर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत न सिर्फ 6G तकनीक में अग्रणी बनेगा, बल्कि अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में भी नई वैश्विक मिसाल कायम करेगा।






