ट्रंप बोले– ईरान को फुटबॉल विश्व कप 2026 में नहीं आना चाहिए, खिलाड़ियों की सुरक्षा पर जताई चिंता

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि Iran की फुटबॉल टीम को आगामी FIFA World Cup 2026 में हिस्सा नहीं लेना चाहिए, क्योंकि इससे खिलाड़ियों के “जीवन और सुरक्षा” को खतरा हो सकता है।
ट्रंप की यह टिप्पणी उस बयान के दो दिन बाद आई है, जब उन्होंने Gianni Infantino से कहा था कि ईरान की टीम का इस प्रतियोगिता में स्वागत किया जाएगा।
ट्रुथ सोशल पर दिया बयान
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा कि ईरान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम का विश्व कप में स्वागत है, लेकिन उनका मानना है कि खिलाड़ियों की सुरक्षा को देखते हुए उनका वहां आना उचित नहीं होगा।
युद्ध के कारण अनिश्चितता
दरअसल 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा किए गए हमलों के बाद शुरू हुए संघर्ष के कारण ईरान की इस वर्ष होने वाले पुरुष फुटबॉल विश्व कप में भागीदारी को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई है।
यह टूर्नामेंट United States, Canada और Mexico की संयुक्त मेजबानी में आयोजित किया जाएगा।
इन्फैन्टिनो ने की थी चर्चा
फीफा प्रमुख जियानी इन्फैन्टिनो ने बताया कि White House में ट्रंप के साथ हुई बैठक के दौरान ईरान की मौजूदा स्थिति पर भी चर्चा हुई थी। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने दोहराया था कि ईरान की टीम का अमेरिका में होने वाली इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए स्वागत है।
ईरानी महिला खिलाड़ियों के मुद्दे पर भी बोले ट्रंप
इसी सप्ताह ट्रंप ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गई ईरान की महिला फुटबॉल खिलाड़ियों के मामले में भी प्रतिक्रिया दी और उन्हें शरण देने की अपील की। बताया गया कि AFC Women’s Asian Cup के एक मुकाबले से पहले राष्ट्रीय गान नहीं गाने के कारण खिलाड़ियों को अपने देश लौटने पर कार्रवाई का डर था।
बाद में Australia सरकार ने वहां रुकने का फैसला करने वाली पांच खिलाड़ियों को शरण देने पर सहमति जता दी।
मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच ट्रंप का यह बयान अंतरराष्ट्रीय खेल जगत और राजनीति दोनों में चर्चा का विषय बन गया है।






