भविष्य सुरक्षित करने के लिए जल संरक्षण को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना होगा: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु

राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने कहा कि जल संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और हमें पानी को केवल उपयोग की वस्तु नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों की अमूल्य धरोहर के रूप में देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि भविष्य को सुरक्षित करने के लिए जल संरक्षण को जीवन और व्यवहार का अभिन्न हिस्सा बनाना आवश्यक है।
राष्ट्रपति ने यह बात Jal Mahotsav 2026 में कही। उन्होंने कहा कि भारत में जल केवल एक बुनियादी सुविधा नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति, परंपराओं, आजीविका और सामुदायिक जीवन से भी गहराई से जुड़ा हुआ है।
जल जीवन मिशन से बदली ग्रामीण तस्वीर
राष्ट्रपति ने कहा कि पहले गांवों में लोगों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को पीने का पानी लाने के लिए दूर-दूर तक जाना पड़ता था। स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना केवल सुविधा का विषय नहीं था बल्कि यह समय, स्वास्थ्य और सम्मान से भी जुड़ा हुआ था।
इन चुनौतियों से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने Jal Jeevan Mission की शुरुआत की, जिसके माध्यम से अब ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।
सामुदायिक भागीदारी है जरूरी
राष्ट्रपति ने कहा कि जब किसी संसाधन की जिम्मेदारी सरकार के साथ-साथ समाज भी मिलकर उठाता है, तब उसका संरक्षण अधिक प्रभावी और स्थायी होता है।
उन्होंने कहा कि ‘जल अर्पण दिवस’ के तहत जल आपूर्ति ढांचे को ग्राम पंचायतों को सौंपने से सामुदायिक स्वामित्व की भावना और मजबूत होगी।
स्वयं सहायता समूहों की अहम भूमिका
राष्ट्रपति ने कहा कि स्वयं सहायता समूह जल परीक्षण, संचालन और रखरखाव जैसे कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इन समूहों के प्रयासों से महिलाओं और समाज के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।
वर्षा जल संचयन को बढ़ावा
उन्होंने कहा कि जल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बहुआयामी और समन्वित प्रयास जरूरी हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में Swachh Bharat Mission के साथ समन्वय कर ग्रे-वॉटर प्रबंधन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
साथ ही Catch the Rain Campaign और ‘जल संचय जन भागीदारी’ जैसे अभियान वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि युवाओं में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने से भविष्य में देश की जल सुरक्षा और मजबूत होगी।
गौरतलब है कि Ministry of Jal Shakti द्वारा 8 मार्च से 22 मार्च तक ‘जल महोत्सव 2026’ का आयोजन किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण पेयजल सेवाओं में जनभागीदारी और सामुदायिक स्वामित्व को मजबूत करना है।





