ओडिशा के कंधमाल में 10 माओवादी कैडरों ने किया आत्मसमर्पण, 1.15 करोड़ का इनाम था घोषित

प्रतिबंधित संगठन CPI (Maoist) को बड़ा झटका देते हुए 10 भूमिगत माओवादी कैडरों ने ओडिशा के Kandhamal जिले में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। इन सभी पर कुल मिलाकर 1.15 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था।
पुलिस के अनुसार आत्मसमर्पण करने वाले सभी माओवादी Chhattisgarh के निवासी हैं। उन्होंने आत्मसमर्पण के दौरान 10 बंदूकें और अन्य गोला-बारूद भी सुरक्षा बलों के सामने जमा कराए।
इन माओवादियों ने फुलबनी स्थित रिजर्व पुलिस ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में ओडिशा पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया।
ये माओवादी कैडर शामिल
एडीजी (एंटी-नक्सल ऑपरेशंस) Sanjeev Panda ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वालों में राज्य समिति सदस्य सानू पोट्टम उर्फ नीतू, डिविजनल कमेटी सदस्य सांतेई सलाम उर्फ अनुपा, एरिया कमेटी सदस्य लक्ष्मी मडवी उर्फ संगीता और सुनील तेलम शामिल हैं।
इसके अलावा पार्टी सदस्य मंजुला पुनेम उर्फ शिल्पा, रामबती ओयाम उर्फ जमुना, गणेश कुंजाम, सुशीला डुडी, सरिता कुहुदम और चोड़ी योगी उर्फ रजनी ने भी आत्मसमर्पण किया।
हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला
एडीजी संजीव पंडा ने बताया कि सभी कैडरों ने औपचारिक रूप से हिंसा का रास्ता छोड़ने और उग्रवादी गतिविधियों से संबंध खत्म करने की घोषणा की है। उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास जताते हुए समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि Nabarangpur, Balangir, Koraput, Malkangiri, Nuapada और Boudh जिले पहले ही नक्सल-मुक्त घोषित किए जा चुके हैं।
पुलिस के अनुसार अब कंधमाल, कालाहांडी और रायगढ़ा जिलों के सीमावर्ती क्षेत्रों को भी नक्सल-मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि इन इलाकों में अभी करीब 25 माओवादी सक्रिय हैं और उनसे भी हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की गई है।






