महाशिवरात्रि पर्व के लिए पशुपतिनाथ में जुटने लगे भारत के नागा संन्यासी, 15 लाख श्रद्धालुओं की संभावना

काठमांडू स्थित विश्व प्रसिद्ध Pashupatinath Temple में महाशिवरात्रि पर्व की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। पर्व नजदीक आते ही भारत के विभिन्न राज्यों से नागा संन्यासियों का आगमन शुरू हो गया है, जिससे मंदिर परिसर का आध्यात्मिक वातावरण और अधिक दिव्य हो उठा है।
शुक्रवार को नागा बाबाओं का एक दल पारंपरिक शोभायात्रा के साथ मंदिर परिसर के गेट नंबर 1 से प्रवेश करता दिखाई दिया। पशुपति क्षेत्र विकास कोष के पदाधिकारियों ने उनका औपचारिक स्वागत किया।
महाशिवरात्रि के अवसर पर सन्यासी, वैष्णव, नानक और उदासी संप्रदायों के साधु-संतों का यहां एकत्र होना सदियों पुरानी परंपरा है। यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल यह मंदिर हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बनता है।
मंदिर प्रशासन के अनुसार, इस वर्ष करीब 15 लाख श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए आने की संभावना है। 14 फरवरी को रात 1 बजे से मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे और 15 फरवरी की मध्यरात्रि तक दर्शन जारी रहेंगे।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को मजबूत किया गया है। विशेष नियंत्रण कक्ष, अतिरिक्त सुरक्षा बल और सुव्यवस्थित कतार प्रणाली लागू की गई है।
महाशिवरात्रि के इस पावन अवसर पर काठमांडू का वातावरण ‘हर हर महादेव’ के जयघोष से गूंज रहा है, जो भारत और नेपाल के सांस्कृतिक और धार्मिक संबंधों की गहराई को भी दर्शाता है।






