पाकिस्तान की जिद पड़ सकती है भारी, चैम्पियंस ट्रॉफी से बाहर होने का खतरा, करोड़ों का हो सकता है नुकसान!

चैम्पियंस ट्रॉफी की मेजबानी पर संकट: PCB के इनकार से करोड़ों का नुकसान, बाहर होने का खतरा
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के लिए मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। अगर वह 2025 की आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी की मेजबानी से हाथ धोता है, तो उसे भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। आईसीसी ने साफ कर दिया है कि या तो PCB ‘हाइब्रिड मॉडल’ को अपनाए या टूर्नामेंट से बाहर होने के लिए तैयार रहे।
क्या है पूरा मामला?
पाकिस्तान को 2025 में चैम्पियंस ट्रॉफी की मेजबानी मिली थी, लेकिन भारत सरकार ने भारतीय टीम को पाकिस्तान भेजने की मंजूरी नहीं दी है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने इस बात की जानकारी पहले ही आईसीसी को दे दी थी। इसके चलते आईसीसी ने ‘हाइब्रिड मॉडल’ के तहत टूर्नामेंट आयोजित करने का प्रस्ताव दिया, जहां मैच पाकिस्तान और किसी अन्य देश में खेले जाएंगे।
PCB का सख्त रुख
29 नवंबर को हुई इमरजेंसी मीटिंग में PCB ने ‘हाइब्रिड मॉडल’ को खारिज कर दिया। पाकिस्तान का पक्ष रखने के लिए PCB प्रमुख मोहसिन नकवी खुद दुबई पहुंचे, जबकि BCCI सचिव जय शाह ने ऑनलाइन भाग लिया। इस मीटिंग का उद्देश्य टूर्नामेंट का शेड्यूल और वेन्यू तय करना था, लेकिन PCB के इनकार से सहमति नहीं बन पाई।
आईसीसी का अल्टीमेटम
आईसीसी ने PCB को अल्टीमेटम दिया है कि अगर वह ‘हाइब्रिड मॉडल’ नहीं अपनाता, तो उसे टूर्नामेंट से बाहर कर दिया जाएगा। ऐसे में PCB को न केवल प्रतिष्ठा का नुकसान होगा बल्कि करोड़ों की आर्थिक हानि भी झेलनी पड़ेगी।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि PCB अपने फैसले पर अडिग रहता है या ICC के प्रस्ताव को मानकर टूर्नामेंट की मेजबानी बचाने की कोशिश करता है।






