सेल ने सख्त कार्रवाई करते हुए 21 फर्मों व ठेकेदारों को किया ब्लैकलिस्टेड

स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने अनुबंध शर्तों के उल्लंघन, फर्जी व जाली दस्तावेज़ जमा करने, भ्रष्ट आचरण, खराब प्रदर्शन और मजदूरों के वेतन से जुड़ी अनियमितताओं जैसे गंभीर मामलों में सख्त कदम उठाते हुए देशभर की 21 फर्मों और ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट कर दिया है।
सेल द्वारा जारी आधिकारिक निर्देश के अनुसार यह कार्रवाई विभिन्न स्टील प्लांटों और कॉरपोरेट स्तर पर की गई है। इनमें भिलाई स्टील प्लांट, राउरकेला स्टील प्लांट, बोकारो स्टील प्लांट, इस्को स्टील प्लांट (आईएसपी), सेंट्रल मार्केटिंग ऑर्गेनाइजेशन (CMO) और कॉरपोरेट ऑफिस शामिल हैं।
📌 प्रतिबंध की अवधि
सेल की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों की अवधि अलग-अलग है।
कुछ फर्मों पर 2026 से 2028 तक प्रतिबंध लगाया गया है।
वहीं कुछ मामलों में फर्मों को साल 2100 तक स्थायी रूप से ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है।
🏭 किस प्लांट में कितनी कंपनियां ब्लैकलिस्ट
भिलाई स्टील प्लांट: 11 कंपनियां
राउरकेला स्टील प्लांट: 4 कंपनियां
बोकारो स्टील प्लांट: 8 कंपनियां
इस्को स्टील प्लांट (ISP): 6 कंपनियां
सेंट्रल मार्केटिंग ऑर्गेनाइजेशन: 3 ठेका कंपनियां
🗣️ सेल की आधिकारिक प्रतिक्रिया
इस्को स्टील प्लांट के जनसंपर्क विभाग के अधिकारी भास्कर कुमार ने बताया कि जिन ठेका कंपनियों के अनुबंध रद्द किए गए हैं या जिन पर प्रतिबंध लगाया गया है, उन्होंने कंपनी की टर्म्स एंड कंडीशन का पालन नहीं किया या जांच के दौरान उनके द्वारा जमा किए गए दस्तावेज फर्जी पाए गए। इसी आधार पर सेल ने संबंधित कंपनियों के खिलाफ यह कार्रवाई की है।
📊 निष्कर्ष
सेल की यह कार्रवाई सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में पारदर्शिता, जवाबदेही और अनुशासन को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। इससे यह स्पष्ट संदेश गया है कि अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के प्रति कंपनी की जीरो टॉलरेंस नीति है।





