ईरान में सरकारी टीवी चैनल हैक, महंगाई विरोधी प्रदर्शन के वीडियो ऑनएयर

इस्लामिक गणराज्य ईरान में पिछले माह के अंतिम सप्ताह से महंगाई के खिलाफ शुरू हुए विरोध प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि प्रदर्शनकारियों ने अब सीधे सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
ईरान सरकार का दावा है कि इन विरोध प्रदर्शनों के पीछे अमेरिका का हाथ है। हालात पर नियंत्रण के लिए इस्लामिक गणराज्य ने देशभर में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं और सरकारी टेलीविजन चैनलों के माध्यम से अपना पक्ष रखने की कोशिश कर रहा था।
इसी बीच एक अनाम हैकर समूह ने ईरान के सरकारी टीवी चैनलों को सैटेलाइट पर हैक कर लिया।
📡 सरकारी टीवी पर चला विरोध प्रदर्शन का प्रसारण
ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, बद्र सैटेलाइट पर प्रसारित होने वाले ईरान के कई सरकारी चैनलों को रविवार को हैक कर लिया गया। इस दौरान विरोध प्रदर्शनों के फुटेज के साथ-साथ निर्वासित राजकुमार रजा पहलवी की जनता से प्रदर्शन में शामिल होने और सैन्य बलों से प्रदर्शनकारियों का समर्थन करने की अपील प्रसारित की गई।
उल्लेखनीय है कि ईरान का सरकारी ब्रॉडकास्टर देशभर में अपने कई प्रांतीय चैनलों के प्रसारण के लिए बद्र सैटेलाइट पर निर्भर है।
🇺🇸 ट्रंप के बयान पर ईरान की तीखी प्रतिक्रिया
खामेनेई के कार्यालय के अधिकारी मेहदी फजेली ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने ईरान में नए नेतृत्व की जरूरत बताई थी। फजेली ने इसे “एक दोषी व्यक्ति की हताश कोशिश” करार दिया।
⚠️ जेलों में मानवाधिकार उल्लंघन के गंभीर आरोप
ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, जेलों में बंद प्रदर्शनकारियों के साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है। बंदियों को नंगे बदन ठंड में रखा जा रहा है, उन पर ठंडा पानी डाला जा रहा है और अज्ञात इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं।
🌍 अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ता तनाव
इस बीच अमेरिकी विमानवाहक युद्धपोत USS Abraham Lincoln को मध्य पूर्व की ओर भेजा गया है। वहीं न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, जापान, जर्मनी, फ्रांस, ब्रिटेन और कनाडा में ईरानियों के समर्थन में रैलियां और प्रवासी प्रदर्शन जारी हैं।






