2025 पत्रकारिता के लिए सबसे घातक वर्ष, दुनियाभर में 128 पत्रकारों और मीडियाकर्मियों की हत्या: अंतर्राष्ट्रीय पत्रकार संघ

अंतर्राष्ट्रीय पत्रकार संघ ने अपनी ताज़ा रिपोर्ट में खुलासा किया है कि वर्ष 2025 पत्रकारिता के इतिहास के सबसे घातक वर्षों में से एक बन गया है। रिपोर्ट के अनुसार, बीते वर्ष दुनिया भर में कुल 128 पत्रकारों और मीडियाकर्मियों की हत्या हुई, जिससे वैश्विक स्तर पर प्रेस की स्वतंत्रता और पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बढ़ गई है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि मध्य-पूर्व और अरब क्षेत्र पत्रकारों के लिए सबसे खतरनाक इलाका साबित हुआ। इस क्षेत्र में संघर्ष और युद्ध की रिपोर्टिंग के दौरान 74 पत्रकारों की मौत हुई, जो कि कुल वैश्विक मौतों का लगभग 58 प्रतिशत है। विशेष रूप से फिलिस्तीन में स्थिति सबसे भयावह रही, जहां अकेले 56 पत्रकारों की हत्या दर्ज की गई। इनमें से अधिकांश पत्रकार गाजा युद्ध से संबंधित घटनाओं की रिपोर्टिंग कर रहे थे।

अन्य देशों की बात करें तो यमन में 13, यूक्रेन में 8 और सूडान में 6 पत्रकारों की जान गई। वहीं भारत और पेरू में 4-4 पत्रकारों की हत्या की घटनाएं सामने आईं। इसके अलावा पाकिस्तान, मैक्सिको और फिलीपींस में भी तीन-तीन पत्रकारों की मौत दर्ज की गई है।

अंतर्राष्ट्रीय पत्रकार संघ ने कहा कि बढ़ते सशस्त्र संघर्ष, राजनीतिक अस्थिरता और दंडहीनता के माहौल के कारण पत्रकार लगातार निशाने पर हैं। रिपोर्ट में सरकारों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों से पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।

रिपोर्ट यह भी दर्शाती है कि संघर्ष क्षेत्रों में सच सामने लाने की कोशिश करने वाले पत्रकारों को अपनी जान तक गंवानी पड़ रही है, जो वैश्विक लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए एक गंभीर चेतावनी है।

Share

Similar Posts